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बाल अधिकार संरक्षण आयोग में आपका स्वागत है

Last Updated On: 20/12/2019

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ;एन. सी. पी. सी. आर.द्ध की स्थापना संसद के एक अधिनियम ;दिसम्बर 2005द्ध बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियमए 2005 के अंतर्गत मार्च 2007 में की गई थी। आयोग का अधिदेश यह सुनिश्चित करना है कि समस्त विधियाँए नीतियां कार्यक्रम तथा प्रशासनिक तंत्र बाल अधिकारों के संदर्श के अनुरूप होंए जैसाकि भारत के संविधान तथा साथ ही संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन ;कन्वेशनद्ध में प्रतिपाादित किया गया है। बालक को 0 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में शामिल व्यक्ति के रूप में पारिभाषित किया गया है।

 

आयोग अधिकारों पर आधारित संदर्श की परिकल्पना करता हैए जो राष्ट्रीय नीतियों और कार्यक्रमों में प्रवाहित होता हैए जिसके साथ राज्यए जिला और खण्ड स्तरों पर पारिभाषित प्रतिक्रियाएं भी शामिल हैए जिसमें प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्टताओं और मजबूतियों को भी ध्यान में रखा जाता है प्रत्येक बालक तक पहुंच बनाने के उद्देश्य सेए इसमें समुदायों तथा कुटुम्बों तक गहरी पैठ बनाने का आशय रखा गया है तथा अपेक्षा की गई है कि क्षेत्र में हासिल किए गए सामूहिक अनुभव पर उच्चतर स्तर पर सभी प्राधिकारियों द्वारा विचार किया जाएगा। इस प्रकारए आयोग बालकों तथा उनकी कुशलता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के लिए एक अपरिहार्य भूमिकाए सुदृढ़ संस्था.निर्माण प्रक्रियाओंए स्थानीय निकायों और समुदाय स्तर पर विकेन्द्रीकरण के लिए सम्मान तथा इस दिशा में वृहद सामाजिक चिंता की परिकल्पना करता है।

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